विष्णुरुवाच—एकाक्षर-प्रणव-लिङ्ग-व्याप्ति-शिवस्तोत्रम्
सुहोत्राय हविष्याय सुब्रह्मण्याय सूरिणे सुमुखाय सुवक्त्राय दुर्दमाय दमाय च
suhotrāya haviṣyāya subrahmaṇyāya sūriṇe sumukhāya suvaktrāya durdamāya damāya ca
सुहोत्र (मंगल यज्ञकर्ता) व स्वयं हवि-स्वरूप यास नमः; सुब्रह्मण्य (वेदधर्मपोषक) व सूरी (ज्ञानी) यास प्रणाम। सुमुख, सुवचन यास नमः; दुर्दम (अजेय) व दम (नियमनकर्ता) यासही नमस्कार।
Suta Goswami (reciting the Shiva-Sahasranama within the Linga Purana narration)