स्त्रीपर्व — गान्धारीभीमसेनसंवादः
Strī-parva — Gāndhārī–Bhīmasena Dialogue on Wartime Conduct
उक्तास्यष्टादशाहानि पुत्रेण जयमिच्छता । शिवमाशास्व मे मातर्युध्यमानस्य शत्रुभि:,“गत अठारह दिनोंमें विजयकी अभिलाषा रखनेवाला तुम्हारा पुत्र प्रतिदिन तुमसे जाकर कहता था कि “माँ! मैं शत्रुओंके साथ युद्ध करने जा रहा हूँ। तुम मेरे कल्याणके लिये आशीर्वाद दो”
वैशम्पायन उवाच