अविमुक्तक्षेत्रमाहात्म्य — काशी-वाराणसी में मोक्ष, लिङ्ग-तीर्थ-मानचित्र, और उपासना-विधि
कमलोत्पलपुष्पाढ्यैः सरोभिः समलंकृते अप्सरोगणगन्धर्वैः सदा संसेविते शुभे
kamalotpalapuṣpāḍhyaiḥ sarobhiḥ samalaṃkṛte apsarogaṇagandharvaiḥ sadā saṃsevite śubhe
कमल और उत्पल पुष्पों से भरे सरोवरों से अलंकृत वह शुभ स्थान सदा अप्सराओं और गन्धर्वों के गणों द्वारा सेवित रहता है।
Suta Goswami (narrating to the sages of Naimisharanya)