अविमुक्तक्षेत्रमाहात्म्य — काशी-वाराणसी में मोक्ष, लिङ्ग-तीर्थ-मानचित्र, और उपासना-विधि
गोचर्मेश्वरम् ईशानं तथेन्द्रेश्वरम् अद्भुतम् कर्मेश्वरं च विपुलं कार्यार्थं ब्रह्मणा कृतम्
gocarmeśvaram īśānaṃ tathendreśvaram adbhutam karmeśvaraṃ ca vipulaṃ kāryārthaṃ brahmaṇā kṛtam
ब्रह्मा ने अपने कार्य की सिद्धि हेतु गोचर्मेश्वर नामक अद्भुत ईशान, तथा आश्चर्यपूर्ण इन्द्रेश्वर और विशाल कर्मेश्वर की स्थापना की—ये सब पाशबद्ध पशुओं के बंधन काटने वाले पति-स्वरूप महेश्वर के लिंग-रूप हैं।
Suta Goswami (narrating the Purana; describing Brahma’s acts of linga-establishment)