Adhyaya 8: Yogasthanas, Ashtanga Yoga, Pranayama-Siddhi, and Shiva-Dhyana leading to Samadhi
नीचो द्वादशमात्रस्तु उद्धातो द्वादशः स्मृतः मध्यमस् तु द्विरुद्धातश् चतुर्विंशतिमात्रकः
nīco dvādaśamātrastu uddhāto dvādaśaḥ smṛtaḥ madhyamas tu dviruddhātaś caturviṃśatimātrakaḥ
‘नीच’ लिङ्ग बारह मात्रा का है; ‘उद्धात’ (उन्नत) भी बारह मात्रा का ही कहा गया है। ‘मध्यम’ प्रकार उद्धात का दुगुना—चौबीस मात्रा—है, जो पूजाक्रम को सुव्यवस्थित करता है, पशु (बद्ध जीव) को स्थिर कर पाति शिव की ओर प्रवृत्त करता है।
Suta Goswami