वासिष्ठकथनम् (आदित्य–सोमवंशवर्णनम् तथा रुद्रसहस्रनाम-प्रशंसा)
विबुधाग्र्यः सुरः श्रेष्ठः स्वर्गदेवस्तथोत्तमः संयुक्तः शोभनो वक्ता आशानां प्रभवो ऽव्ययः
vibudhāgryaḥ suraḥ śreṣṭhaḥ svargadevastathottamaḥ saṃyuktaḥ śobhano vaktā āśānāṃ prabhavo 'vyayaḥ
वे विद्वानों में अग्र्य, देवों में श्रेष्ठ, स्वर्ग के देव और परम उत्तम हैं। वे स्वयंसिद्ध समन्वित, शोभन, सत्य-वक्ता, दिशाओं व आशाओं के उद्गम और अव्यय हैं।
Suta Goswami (narrating the Shiva Sahasranama to the sages of Naimisharanya)