सूर्यरथ-रचना, ध्रुव-प्रेरणा, मास-गणाः च
Jyotish-chakra: Surya’s Motion and Monthly Retinues
ग्रामणीयक्षभूतानि कुर्वते ऽभीषुसंग्रहम् सर्पा वहन्ति वै सूर्यं यातुधाना अनुयान्ति च
grāmaṇīyakṣabhūtāni kurvate 'bhīṣusaṃgraham sarpā vahanti vai sūryaṃ yātudhānā anuyānti ca
ग्रामणी यक्ष-भूत सूर्य की किरणों का संग्रह करते हैं; नाग सूर्य को वहन करते हैं; और यातुधान उसके पीछे चलते हैं—इस प्रकार भगवान की नियति-व्यवस्था नियुक्त गणों से स्थिर रहती है।
Suta Goswami