क्षुपस्य विष्णुदर्शनं, वैष्णवस्तोत्रं, दधीचविवादः, स्थानेश्वरतीर्थमाहात्म्यं
श्रावयेद्वा द्विजान् भक्त्या विष्णुलोकं स गच्छति
śrāvayedvā dvijān bhaktyā viṣṇulokaṃ sa gacchati
या भक्तिभाव से द्विजों (ब्राह्मणों) को इसका श्रवण कराए, वह विष्णुलोक को प्राप्त होता है।
Suta Goswami