ब्रह्मनारायणस्तवः — शिवस्य प्रभवत्व-प्रतिपादनम्
नमो ऽस्त्विष्टाय पूर्ताय अग्निष्टोमद्विजाय च सदस्याय नमश्चैव दक्षिणावभृथाय च
namo 'stviṣṭāya pūrtāya agniṣṭomadvijāya ca sadasyāya namaścaiva dakṣiṇāvabhṛthāya ca
इष्ट और पूर्त—यज्ञकर्म तथा पुण्यकर्म—स्वरूप प्रभु को नमस्कार। अग्निष्टोम-यज्ञ और उसके द्विज ऋत्विज् को नमस्कार; सभा के सदस्य-रूप, तथा दक्षिणा और अवभृथ-स्नान-रूप प्रभु को भी नमस्कार।
Suta Goswami