ईशानकल्पवृत्तान्तः तथा लैङ्गपुराणस्य संक्षेप-सूची
हलाहलस्य दैत्यस्य कृतावज्ञा पिनाकिना जालंधरवधश्चैव सुदर्शनसमुद्भवः
halāhalasya daityasya kṛtāvajñā pinākinā jālaṃdharavadhaścaiva sudarśanasamudbhavaḥ
पिनाकधारी प्रभु ने दैत्य हलाहल का गर्व चूर किया। जालंधर का वध हुआ और सुदर्शन चक्र का भी प्रादुर्भाव हुआ।
Suta Goswami