ब्रह्मकृत-ईशानस्तवः तथा विश्वरूपदेवी-प्रकृतिरहस्योपदेशः
विनिवृत्ते तु संहारे पुनः सृष्टे चराचरे ब्रह्मणः पुत्रकामस्य ध्यायतः परमेष्ठिनः
vinivṛtte tu saṃhāre punaḥ sṛṣṭe carācare brahmaṇaḥ putrakāmasya dhyāyataḥ parameṣṭhinaḥ
जब संहार निवृत्त हुआ और चराचर जगत् फिर से रचा गया, तब परमेष्ठी ब्रह्मा सृष्टि-कार्य हेतु पुत्रों की कामना से ध्यान में प्रविष्ट हुए।
Suta Goswami (narrating the cosmological sequence to the sages of Naimisharanya)