ब्रह्मकृत-ईशानस्तवः तथा विश्वरूपदेवी-प्रकृतिरहस्योपदेशः
नमो विकरणायैव कालवर्णाय वर्णिने बलाय बलिनां नित्यं सदा विकरणाय ते
namo vikaraṇāyaiva kālavarṇāya varṇine balāya balināṃ nityaṃ sadā vikaraṇāya te
इन्द्रियों से परे विकरण को नमः; काल-रूप वर्ण वाले, समस्त वर्ण-रूपों के अधिपति को नमः। बलवानों के भीतर जो बल है—उसको नमः; नित्य, सदा, हे विकरण! आपको नमः।
Suta Goswami (narrating a stuti within the Linga Purana’s Purva-Bhaga context)