विषङ्गपलायनम् (Viṣaṅga-palāyanam) — Aftermath of the First Battle Day
सायकैरग्निचूडालैस्तेषां मर्माणि भिन्दती / रक्तोत्पलमिव क्रोधसंरक्तं बिभ्रती मुखम्
sāyakairagnicūḍālaisteṣāṃ marmāṇi bhindatī / raktotpalamiva krodhasaṃraktaṃ bibhratī mukham
अग्निशिखा-से तेजस्वी बाणों से वह उनके मर्मस्थलों को भेदती थी; और उसका मुख क्रोध से रंजित, रक्तकमल के समान दीप्त हो उठा।