विषङ्गपलायनम् (Viṣaṅga-palāyanam) — Aftermath of the First Battle Day
सर्वेषां दैत्यपुत्राणामेकरूपा कुमारिका / प्रत्येकभिन्ना ददृशे बिंबमालेव भास्वतः
sarveṣāṃ daityaputrāṇāmekarūpā kumārikā / pratyekabhinnā dadṛśe biṃbamāleva bhāsvataḥ
सभी दैत्यपुत्रों के लिए वह कुमारिका एक ही रूप वाली थी, परन्तु प्रत्येक को वह भिन्न-भिन्न प्रतीत होती थी—जैसे तेजस्वी सूर्य की प्रतिमाएँ अनेक जल-बिम्बों में अलग-अलग दिखें।