मदनकामेश्वरप्रादुर्भावः
Manifestation of Madana-Kāmeśvara
सदसत्कर्मरूपां च व्यक्ताव्यक्तो दयात्मिकाम् / त्वामेव हि प्रशंसंति पञ्चब्रह्मस्वरूपिणीम्
sadasatkarmarūpāṃ ca vyaktāvyakto dayātmikām / tvāmeva hi praśaṃsaṃti pañcabrahmasvarūpiṇīm
तुम ही सत्-असत् कर्मरूपा, व्यक्त-अव्यक्त स्वरूपा और करुणामयी हो। पंचब्रह्मस्वरूपिणी तुम्हीं की ही स्तुति की जाती है।