मदनकामेश्वरप्रादुर्भावः
Manifestation of Madana-Kāmeśvara
त्वमेवानादिरखिला कार्यकारणरूपिणी / त्वामेव हि विचिन्वन्ति योगिनः सनकादयः
tvamevānādirakhilā kāryakāraṇarūpiṇī / tvāmeva hi vicinvanti yoginaḥ sanakādayaḥ
तुम ही अनादि और सर्वव्यापिनी, कार्य और कारण के रूप में स्थित हो। सनक आदि योगी तुम्हीं का निरन्तर अनुसंधान करते हैं।