चतुर्युगाख्यान (Caturyuga-Ākhyāna) — Yuga-wise Origins and Measurements of Beings
मन्त्राः प्रादुर्बभूवुर्हि पूर्वमन्वन्तरेष्विह / असंतोषाद्भया द्दुःखात्सुखाच्छोकाच्च पञ्चधा
mantrāḥ prādurbabhūvurhi pūrvamanvantareṣviha / asaṃtoṣādbhayā dduḥkhātsukhācchokācca pañcadhā
यहाँ पूर्व-पूर्व मन्वन्तरों में मंत्र प्रकट हुए। असंतोष, भय, दुःख, सुख और शोक—इनसे वे पाँच प्रकार से उत्पन्न हुए।