चतुर्युगाख्यान (Caturyuga-Ākhyāna) — Yuga-wise Origins and Measurements of Beings
ऋषीणां तारकाख्येन दर्शनेन यदृच्छया / ऋषीणां यदृषित्वं हि तद्वक्ष्यामीह लक्षणैः
ṛṣīṇāṃ tārakākhyena darśanena yadṛcchayā / ṛṣīṇāṃ yadṛṣitvaṃ hi tadvakṣyāmīha lakṣaṇaiḥ
ऋषियों को ‘तारक’ नामक दर्शन यदृच्छा से प्राप्त हुआ। ऋषियों का जो ऋषित्व है, उसे मैं यहाँ लक्षणों सहित बताऊँगा।