Amāvasyā-Pitṛtarpaṇa: Purūravas and the Soma-Based Ancestral Offering (अमावस्या-पितृतर्पण / सोमतर्पण-विधि)
तस्मिंस्तस्मिंस्तदाहारे श्राद्धं दत्तं प्रतिष्ठते / काले न्यायागतं पात्रे विधिना प्रतिपादितम्
tasmiṃstasmiṃstadāhāre śrāddhaṃ dattaṃ pratiṣṭhate / kāle nyāyāgataṃ pātre vidhinā pratipāditam
उस-उस आहार के रूप में दिया गया श्राद्ध स्थिर होकर फल देता है—जब वह उचित समय पर, धर्मानुसार प्राप्त पात्र को विधिपूर्वक अर्पित किया गया हो।