Pṛthivy-Āyāma-Vistara (Extent of the Earth) and Jambūdvīpa–Navavarṣa Description
सर्वा मणिमयी भूमिः सूक्ष्मकाञ्चनवालुका / सर्वर्तुसुखसंपन्ना न्निष्पङ्का नीरजा शुभा
sarvā maṇimayī bhūmiḥ sūkṣmakāñcanavālukā / sarvartusukhasaṃpannā nniṣpaṅkā nīrajā śubhā
वहाँ की समस्त भूमि मणियों से बनी है, उसकी रेत सूक्ष्म स्वर्ण-कणों जैसी है। वह सब ऋतुओं के सुख से परिपूर्ण, कीचड़-रहित, कमल-रहित जलरहित नहीं बल्कि निर्मल, और अत्यन्त शुभ है।