Pṛthivy-Āyāma-Vistara (Extent of the Earth) and Jambūdvīpa–Navavarṣa Description
देवलोकच्युतास्तत्र जायन्ते मानवाः शुभाः / शुक्लाभिजनसंपन्नाः सर्वे च स्थिरयौवनाः
devalokacyutāstatra jāyante mānavāḥ śubhāḥ / śuklābhijanasaṃpannāḥ sarve ca sthirayauvanāḥ
वहाँ देवलोक से च्युत होकर शुभ मनुष्य जन्म लेते हैं। वे सभी उज्ज्वल कुल-परंपरा से युक्त और स्थिर यौवन वाले होते हैं।