गान्धर्वमूर्छनालक्षणवर्णनम्
Description of Gandharva Mūrchanā Characteristics
द्वादशे च कलास्थानामेकान्तरगतस् तथा / प्रेशोल्लिखितमलङ्कारमेवस्वरसमन्विता
dvādaśe ca kalāsthānāmekāntaragatas tathā / preśollikhitamalaṅkāramevasvarasamanvitā
बारहवें कला-स्थान में भी वह एकान्तर से स्थित होता है। ‘प्रेशोल्लिखित’ नामक अलंकार, स्वरों से युक्त, वही है।