गान्धर्वमूर्छनालक्षणवर्णनम्
Description of Gandharva Mūrchanā Characteristics
संतारौ तौनुसर्वाय्यौ कार्यं वा कारणं तथा / आक्षिप्तमवरोह्यासीत्प्रोक्षमद्यस्तथैव च
saṃtārau taunusarvāyyau kāryaṃ vā kāraṇaṃ tathā / ākṣiptamavarohyāsītprokṣamadyastathaiva ca
वे दोनों ‘संतार’ और ‘सर्वाय्य’—कार्य और कारण के रूप में माने जाएँ। ‘आक्षिप्त’ अवरोह के साथ हो; और ‘प्रोक्ष’ तथा ‘मद्य’ भी वैसे ही हों।