गान्धर्वमूर्छनालक्षणवर्णनम्
Description of Gandharva Mūrchanā Characteristics
एकोत्तरः स्वरस्तु स्यात्षड्जतः परमः स्वरः / अक्षेपस्कन्दनाकार्यं काकस्योयचपुष्कलम्
ekottaraḥ svarastu syātṣaḍjataḥ paramaḥ svaraḥ / akṣepaskandanākāryaṃ kākasyoyacapuṣkalam
एक अधिक स्वर माना जाए; षड्ज ही परम स्वर है। काक के प्रचुर कंठ-ध्वनि की भाँति ‘आक्षेप’ और ‘स्कन्दन’ का विधान किया जाए।