सगरस्यौर्वाश्रमगमनम्
Sagara’s Journey to Aurva’s Hermitage
एवमुक्ते तु मुनिना वैदर्भ्यान्वयवर्द्धनम् / वरयामास तनयं पुत्रानन्यास्तथा परा
evamukte tu muninā vaidarbhyānvayavarddhanam / varayāmāsa tanayaṃ putrānanyāstathā parā
मुनि के ऐसा कहने पर वैदर्भी ने वंश-वर्धक पुत्र को वर लिया; और दूसरी ने उसी प्रकार अन्य पुत्रों को चुना।