Trailokya-vijaya Kavacha (Śrī Kṛṣṇa-kavaca) — त्रैलोक्यविजयकवचम्
पायात्कपालं कृष्णाय स्वाहेति सततं मम / कृष्णेति पातु नेत्रे मे कृष्णस्वाहेति तारकाम्
pāyātkapālaṃ kṛṣṇāya svāheti satataṃ mama / kṛṣṇeti pātu netre me kṛṣṇasvāheti tārakām
‘कृष्णाय स्वाहा’ निरंतर मेरे कपाल की रक्षा करे। ‘कृष्ण’ मेरे नेत्रों की रक्षा करे; और ‘कृष्णस्वाहा’ मेरी तारका (पुतली) की रक्षा करे।