Trailokya-vijaya Kavacha (Śrī Kṛṣṇa-kavaca) — त्रैलोक्यविजयकवचम्
त्रैलोक्यविजयप्राप्तौ विनियोगः प्रकीर्त्तितः / प्रणवो मेशिरः पातु श्रीकृष्णाय नमः सदा
trailokyavijayaprāptau viniyogaḥ prakīrttitaḥ / praṇavo meśiraḥ pātu śrīkṛṣṇāya namaḥ sadā
त्रैलोक्य-विजय की प्राप्ति हेतु इसका विनियोग कहा गया है। प्रणव मेरे शिर की रक्षा करे; सदा श्रीकृष्ण को नमस्कार है।