Trailokya-vijaya Kavacha (Śrī Kṛṣṇa-kavaca) — त्रैलोक्यविजयकवचम्
हरये नम इत्येष भ्रूलतां पातु मे सदा / ॐ गोविन्दाय स्वाहेति नासिकां पातु संततम्
haraye nama ityeṣa bhrūlatāṃ pātu me sadā / oṃ govindāya svāheti nāsikāṃ pātu saṃtatam
‘हरये नमः’ यह मंत्र सदा मेरी भौंहों की रक्षा करे। ‘ॐ गोविन्दाय स्वाहा’ यह मंत्र निरंतर मेरी नासिका की रक्षा करे।