श्राद्धकल्पे पितृदेवपूजाक्रमः (Śrāddhakalpa: Order of Pitṛ and Deva Worship)
हिमवच्छिखरे रम्ये देवर्षिगणसेविते / शुद्धेन मन्सा प्रीता ऊचुस्तान्पितरस्तदा
himavacchikhare ramye devarṣigaṇasevite / śuddhena mansā prītā ūcustānpitarastadā
हिमालय के रमणीय शिखर पर, जहाँ देवर्षियों के गण सेवा करते थे, शुद्ध मन से प्रसन्न होकर पितरों ने तब उनसे कहा।