मनो बुद्धिः स्वभावश् च गुणा एते स्वयोनिजाः ते गुणान् अतिवर्तन्ते गुणेभ्यः परमा मताः //
यह ब्रह्मपुराण का बावनवाँ श्लोक है; मूल पाठ यहाँ प्रदर्शित नहीं है।