एवं सर्वेषु भूतेषु गूढात्मा न प्रकाशते दृश्यते त्व् अग्र्यया बुद्ध्या सूक्ष्मया सूक्ष्मदर्शिभिः //
यह पच्चीसवाँ श्लोक है—यहाँ मूलपाठ संख्या रूप में निर्दिष्ट है।