जन्मदुःखान्य् अनेकानि जन्मनो ऽनन्तराणि च बालभावे यदाप्नोति आधिभूतादिकानि च //
यहाँ श्लोक का मूल संस्कृत-पाठ उपलब्ध नहीं है; इसलिए यथार्थ अनुवाद संभव नहीं।