तांस् तत्त्वविद् अनादृत्य साम्येनैव निवर्तयेत् कुर्यात् परिचयं योगे त्रैलोक्ये नियतो मुनिः //
इस अध्याय का श्लोक 236.59 यहाँ मूल संस्कृत के बिना दिया गया है; अतः यथार्थ अनुवाद प्रस्तुत करना संभव नहीं है।