Śalya–Bhīma Gadāyuddham (मद्रराज-भीमसेन गदायुद्धम्)
ततः प्रहर्षयन् सेनां सिंहवद् विनदन् मुहुः । समादत्तार्जुनिस्तूर्ण पैरवान्तकरं शरम्,तत्पश्चात् अपनी सेनाका हर्ष बढ़ाते और बारंबार सिंहके समान गर्जना करते हुए अर्जुनकुमार अभिमन्युने तुरंत ही एक ऐसा बाण हाथमें लिया, जो राजा पौरवका अन्त कर डालनेमें समर्थ था
Then, gladdening his army and roaring again and again like a lion, Abhimanyu—Arjuna’s son—swiftly took up an arrow capable of bringing King Paurava to his end.
संजय उवाच