Adhyāya 60: Dāna vs. Yajña—Royal Giving, Protection, and Karmic Share
वैशम्पायन उवाच युधिष्ठटिरस्य तद् वाकयं श्रुत्वा भीष्मो महामना: । परीक्ष्य निपुणं बुद्ध्या युधिष्ठिरमभाषत,वैशम्पायनजी कहते हैं--जनमेजय! युधिष्ठिरा यह कथन सुनकर महामनस्वी भीष्मजीने अपनी बुद्धिके द्वारा उसपर भलीभाँति विचार करके उनसे इस प्रकार कहा --
वैशम्पायन उवाच