Draupadī-apaharaṇa-saṃdeśaḥ
Report of Draupadī’s Abduction and the Pāṇḍavas’ Pursuit
न हि कार्यविरुद्धेषु बहुपापेषु कर्मसु । मूलघातिषु सज्जन्ते बुद्धिमन्तो भवद्विधा:,जो अभीष्ट कार्योके विरुद्ध पड़ते हों, जिनमें बहुत पाप भरे हों तथा जो जड़मूलसहित अपना विनाश करनेवाले हों, ऐसे आत्महत्या आदि अशुभ कर्मोमें आप-जैसे बुद्धिमान् पुरुष नहीं प्रवृत्त होते
“凡与所求之事相违、罪业丛生、且伤及根本以至自灭之行——如自尽之举——你这般明智之人,决不应趋附其中。”
वैशम्पायन उवाच