Śalya Installed as Commander; Coalition Agreement and Battle Arrays (शल्यसेनापत्यारोहणं व्यूहवर्णनं च)
अद्य सैन्यानि पाण्डूनां द्रावयिष्ये समन््तत:,इति सत्य ब्रवीम्येष दुर्योधन न संशय: । “मैं रणभूमिमें कुन्तीके सभी पुत्रों और सामने आये हुए सोमकोंपर भी विजय प्राप्त कर लूँगा। इसमें भी संदेह नहीं कि मैं तुम्हारा सेनापति होऊँगा और ऐसे व्यूहका निर्माण करूँगा, जिसे शत्रु लाँघ नहीं सकेंगे। दुर्योधन! यह मैं तुमसे सच्ची बात कहता हूँ। इसमें कोई संशय नहीं है” कुरुनन्दन! आज मैं पाण्डवोंकी सेनाओंको चारों ओर भगा दूँगा। प्रभो! युद्धस्थलमें तुम्हारा प्रिय करनेके लिये आज मैं द्रोणाचार्य, भीष्म तथा सूतपुत्र कर्णसे भी बढ़कर पराक्रम दिखाता और जूझता हुआ रणभूमिमें सब ओर विचरण करूँगा
adya sainyāni pāṇḍūnāṁ drāvayiṣye samantataḥ | iti satyaṁ bravīmy eṣa duryodhana na saṁśayaḥ ||
三阇耶说道:“今日我必使般度军旅四面溃散奔逃。杜尔约陀那,我以真实告汝:毫无疑虑。”
संजय उवाच