Adhyāya 41 — Kṛṣṇa’s Battlefield Briefing and the Renewal of the Great Engagement
आसादयिष्याम्यहमुग्रवीर्य द्विपो द्विपं मत्तमिवातिमत्त: । “आज मेरे उत्तम ब्रह्मास्त्र, दिव्यास्त्र और मानुषास्त्रोंकी देखो। मैं इनके द्वारा भयंकर पराक्रमी अर्जुनके साथ उसी प्रकार युद्ध करूँगा, जैसे कोई अत्यन्त मतवाला हाथी दूसरे मतवाले हाथीके साथ भिड़ जाता है
“今日且看我那上乘的梵天神箭(Brahmāstra)、诸天神兵与人间兵器。凭此诸器,我将与威势骇人的阿周那交锋——如同一头极度狂暴的醉象,猛然撞向另一头狂暴的醉象。”
संजय उवाच