अद्विः सिक्त्वास्तम्भयत् तं सवज्ज॑ सहपर्वतम् । उस समय उनके नेत्र अमर्षसे आकुल हो रहे थे। भगवान् इन्द्रने वज्रके द्वारा भी मुनिपर आक्रमण किया। उनको आक्रमण करते देख तपस्वी च्यवनने जलका छींटा देकर वज्र और पर्वतसहित इन्द्रको स्तम्भित कर दिया--जडवत् बना दिया
当时,因难以遏止的忿怒,因陀罗(Indra)双目翻涌。天帝甚至以金刚杵(vajra)向仙人发起攻击。见其来犯,苦行圣者恰耶瓦那(Cyavana)仅洒一掬清水,便将因陀罗连同金刚杵与所挟之山一并定住——僵若木石。
च्यवन उवाच