Previous Verse
Next Verse

Shloka 2

ललिताप्रादुर्भाव-स्तुति

Lalita’s Cosmic Praise and Body–Cosmos Correspondences

जयकारि च वामाक्षि जय कामाक्षि सुन्दरि / जयाखिलसुराराध्ये जय कामेशि मानदे

jayakāri ca vāmākṣi jaya kāmākṣi sundari / jayākhilasurārādhye jaya kāmeśi mānade

胜利!赐胜的瓦玛克希(Vāmākṣī);胜利!美丽的卡玛克希(Kāmākṣī)。胜利!为一切诸天所礼敬者;胜利!卡梅希(Kāmeśī),赐予尊荣者。

जयकारिO victory-bestowing one
जयकारि:
सम्बोधन (Vocative/सम्बोधन)
TypeAdjective
Rootजय (प्रातिपदिक) + कारिन् (प्रातिपदिक)
Formतत्पुरुष-समास (जयम् करोति इति); स्त्रीलिङ्ग, सम्बोधन, एकवचन; विशेषणम्
and
:
समुच्चय (Connector/समुच्चय)
TypeIndeclinable
Rootच (अव्यय)
Formअव्यय; समुच्चयबोधक (conjunction)
वामाक्षिO lovely-eyed one
वामाक्षि:
सम्बोधन (Vocative/सम्बोधन)
TypeNoun
Rootवाम (प्रातिपदिक) + अक्षि (प्रातिपदिक)
Formकर्मधारय-समास (वामे अक्षिणी यस्याः/वामाक्षी); स्त्रीलिङ्ग, सम्बोधन, एकवचन
जयhail
जय:
सम्बोधन (Address/सम्बोधन)
TypeIndeclinable
Rootजय (अव्यय)
Formअव्यय; स्तुत्यर्थक-निपात
कामाक्षिO Kāmākṣī
कामाक्षि:
सम्बोधन (Vocative/सम्बोधन)
TypeNoun
Rootकाम (प्रातिपदिक) + अक्षि (प्रातिपदिक)
Formतत्पुरुष-समास (कामस्य अक्षी/कामाक्षी); स्त्रीलिङ्ग, सम्बोधन, एकवचन
सुन्दरिO beautiful one
सुन्दरि:
सम्बोधन (Vocative/सम्बोधन)
TypeNoun
Rootसुन्दर (प्रातिपदिक)
Formस्त्रीलिङ्ग, सम्बोधन, एकवचन; स्तुत्यर्थे
जयhail
जय:
सम्बोधन (Address/सम्बोधन)
TypeIndeclinable
Rootजय (अव्यय)
Formअव्यय; स्तुत्यर्थक-निपात
अखिलसुराराध्येO one worshipped by all gods
अखिलसुराराध्ये:
सम्बोधन (Vocative/सम्बोधन)
TypeAdjective
Rootअखिल (प्रातिपदिक) + सुर (प्रातिपदिक) + आराध्य (आ-राध् धातु + यत्, कृदन्त)
Formतत्पुरुष-समास (अखिलैः सुरैः आराध्या); स्त्रीलिङ्ग, सम्बोधन, एकवचन; विशेषणम्
जयhail
जय:
सम्बोधन (Address/सम्बोधन)
TypeIndeclinable
Rootजय (अव्यय)
Formअव्यय; स्तुत्यर्थक-निपात
कामेशिO Kāmeśī
कामेशि:
सम्बोधन (Vocative/सम्बोधन)
TypeNoun
Rootकामेश (प्रातिपदिक)
Formस्त्रीलिङ्ग, सम्बोधन, एकवचन; (कामेश्वरस्य शक्तिरूपा)
मानदेO giver of honor
मानदे:
सम्बोधन (Vocative/सम्बोधन)
TypeAdjective
Rootमान (प्रातिपदिक) + द (दा धातु-सम्बद्ध)
Formतत्पुरुष-समास (मानं ददाति या); स्त्रीलिङ्ग, सम्बोधन, एकवचन; विशेषणम्