Shloka 1

इति श्रीब्रह्माण्डमहापुराणे उत्तरभागे हयग्रीवागस्त्यसंवादे ललितोपाख्याने ललिताप्रादुर्भावो नाम द्वादशो ऽध्यायः देवा ऊचुः जय देवि जगन्मातर्जय देवि परात्परे / जय कल्याणनिलये जय कामकलात्मिके

iti śrībrahmāṇḍamahāpurāṇe uttarabhāge hayagrīvāgastyasaṃvāde lalitopākhyāne lalitāprādurbhāvo nāma dvādaśo 'dhyāyaḥ devā ūcuḥ jaya devi jaganmātarjaya devi parātpare / jaya kalyāṇanilaye jaya kāmakalātmike

如是,在《圣梵卵大往世书》后分中,于海格利瓦与阿迦斯提亚之对话、拉丽塔传说里,有第十二章名为“拉丽塔显现”。诸天说道:胜利!女神,世界之母;胜利!至上中的至上者。胜利!吉祥之所;胜利!以“欲之微妙力”(Kāmakalā)为自性者。

इतिthus
इति:
सम्बन्ध (Discourse marker/सम्बन्ध)
TypeIndeclinable
Rootइति (अव्यय)
Formअव्यय; इत्यर्थक-निपात (quotative/closure particle)
श्रीब्रह्माण्डमहापुराणेin the Śrī Brahmāṇḍa Mahāpurāṇa
श्रीब्रह्माण्डमहापुराणे:
अधिकरण (Location/अधिकरण)
TypeNoun
Rootश्री (प्रातिपदिक) + ब्रह्माण्ड (प्रातिपदिक) + महापुराण (प्रातिपदिक)
Formबहुपद-समास (शीर्षक-नाम); नपुंसकलिङ्ग, सप्तमी (7th case), एकवचन; अधिकरणम् (locative)
उत्तरभागेin the latter section
उत्तरभागे:
अधिकरण (Location/अधिकरण)
TypeNoun
Rootउत्तर (प्रातिपदिक) + भाग (प्रातिपदिक)
Formतत्पुरुष-समास; पुल्लिङ्ग, सप्तमी, एकवचन; अधिकरणम्
हयग्रीवागस्त्यसंवादेin the dialogue of Hayagrīva and Agastya
हयग्रीवागस्त्यसंवादे:
अधिकरण (Location/अधिकरण)
TypeNoun
Rootहयग्रीव (प्रातिपदिक) + अगस्त्य (प्रातिपदिक) + संवाद (प्रातिपदिक)
Formतत्पुरुष-समास (हयग्रीव-अगस्त्ययोः संवादः); पुल्लिङ्ग, सप्तमी, एकवचन
ललितोपाख्यानेin the Lalitā-upākhyāna (episode)
ललितोपाख्याने:
अधिकरण (Location/अधिकरण)
TypeNoun
Rootललिता (प्रातिपदिक) + उपाख्यान (प्रातिपदिक)
Formतत्पुरुष-समास; नपुंसकलिङ्ग, सप्तमी, एकवचन
ललिताप्रादुर्भावःthe manifestation of Lalitā
ललिताप्रादुर्भावः:
कर्ता (Subject/कर्ता)
TypeNoun
Rootललिता (प्रातिपदिक) + प्रादुर्भाव (प्रातिपदिक)
Formतत्पुरुष-समास; पुल्लिङ्ग, प्रथमा, एकवचन
नामnamed
नाम:
सम्बन्ध (Appositive marker/सम्बन्ध)
TypeIndeclinable
Rootनाम (अव्यय)
Formअव्यय; नामार्थक-निपात (particle meaning ‘named/called’)
द्वादशःtwelfth
द्वादशः:
कर्ता (Subject-qualifier/कर्ता-विशेषण)
TypeAdjective
Rootद्वादश (संख्याप्रातिपदिक)
Formपुल्लिङ्ग, प्रथमा, एकवचन; क्रमवाचक (ordinal) विशेषणम् (अध्यायः)
अध्यायःchapter
अध्यायः:
कर्ता (Subject/कर्ता)
TypeNoun
Rootअध्याय (प्रातिपदिक)
Formपुल्लिङ्ग, प्रथमा, एकवचन
देवाःthe gods
देवाः:
कर्ता (Subject/कर्ता)
TypeNoun
Rootदेव (प्रातिपदिक)
Formपुल्लिङ्ग, प्रथमा, बहुवचन
ऊचुःsaid
ऊचुः:
क्रिया (Action/क्रिया)
TypeVerb
Rootवच् (धातु)
Formलिट् (Perfect), प्रथमपुरुष, बहुवचन; परस्मैपदम्
जयhail/victory to
जय:
सम्बोधन (Address/सम्बोधन)
TypeIndeclinable
Rootजय (अव्यय/सम्बोधन-निपात)
Formअव्यय; जय-शब्दः स्तुत्यर्थे (victory/hail as exclamation)
देविO Goddess
देवि:
सम्बोधन (Vocative/सम्बोधन)
TypeNoun
Rootदेवी (प्रातिपदिक)
Formस्त्रीलिङ्ग, सम्बोधन (8th case), एकवचन
जगन्मातःO Mother of the world
जगन्मातः:
सम्बोधन (Vocative/सम्बोधन)
TypeNoun
Rootजगत् (प्रातिपदिक) + मातृ (प्रातिपदिक)
Formतत्पुरुष-समास (जगतः माता); स्त्रीलिङ्ग, सम्बोधन, एकवचन
जयhail
जय:
सम्बोधन (Address/सम्बोधन)
TypeIndeclinable
Rootजय (अव्यय)
Formअव्यय; स्तुत्यर्थक-निपात
देविO Goddess
देवि:
सम्बोधन (Vocative/सम्बोधन)
TypeNoun
Rootदेवी (प्रातिपदिक)
Formस्त्रीलिङ्ग, सम्बोधन, एकवचन
परात्परेO Supreme beyond the supreme
परात्परे:
सम्बोधन (Vocative/सम्बोधन)
TypeAdjective
Rootपर (प्रातिपदिक)
Formस्त्रीलिङ्ग, सम्बोधन, एकवचन; अतिशय-विशेषण (superlative sense: ‘beyond the beyond’)
जयhail
जय:
सम्बोधन (Address/सम्बोधन)
TypeIndeclinable
Rootजय (अव्यय)
Formअव्यय; स्तुत्यर्थक-निपात
कल्याणनिलयेO abode of auspiciousness
कल्याणनिलये:
सम्बोधन (Vocative/सम्बोधन)
TypeNoun
Rootकल्याण (प्रातिपदिक) + निलय (प्रातिपदिक)
Formतत्पुरुष-समास (कल्याणस्य निलयः); पुल्लिङ्ग/नपुंसकलिङ्ग-प्रयोगे, सम्बोधन, एकवचन (स्तुत्यर्थे)
जयhail
जय:
सम्बोधन (Address/सम्बोधन)
TypeIndeclinable
Rootजय (अव्यय)
Formअव्यय; स्तुत्यर्थक-निपात
कामकलात्मिकेO one whose essence is Kāmakalā
कामकलात्मिके:
सम्बोधन (Vocative/सम्बोधन)
TypeAdjective
Rootकामकला (प्रातिपदिक) + आत्मन् (प्रातिपदिक)
Formतत्पुरुष-समास (कामकलाया आत्मा/स्वरूपम्); स्त्रीलिङ्ग, सम्बोधन, एकवचन; विशेषणम् (देवि)