सूर्य–कर्णोपदेशः
Sūrya’s Counsel to Karṇa on Kīrti and the Kuṇḍala
न चेद् दर्शयिता मार्ग धक्ष्याम्पेनमहं ततः । महास्त्रैरप्रतिहतैरत्यग्निपवनोज्ज्वलै:,“यदि यह स्वयं प्रकट होकर कोई मार्ग नहीं दिखायेगा तो मैं अग्नि और वायुसे भी अधिक तेजस्वी तथा कभी न चूकनेवाले महान दिव्यास्त्रोंद्रारा इसे जलाकर भस्म कर डालूँगा'
اور اگر یہ خود ظاہر ہو کر کوئی راستہ نہ دکھائے، تو میں آگ اور ہوا سے بھی بڑھ کر درخشاں، ناقابلِ روک اور کبھی خطا نہ کرنے والے عظیم دیویہ استروں سے اسے جلا کر راکھ کر دوں گا۔
मार्कण्डेय उवाच