Sainyavinyāsa–Lakṣaṇa (Disposition of Armies and Battlefield Omens) | सैन्यविन्यास–लक्षणम्
अश्वेड्श्वे दश धानुष्का धानुष्के शतचर्मिण: । एवं व्यूढान्यनीकानि भीष्मेण तव भारत,प्रत्येक अश्वके पीछे दस-दस धनुर्धर और प्रत्येक धनुर्धरके साथ सौ-सौ पैदल सैनिक नियुक्त किये गये थे, जो ढाल-तलवार लिये रहते थे। भरतनन्दन! इस प्रकार भीष्मजीने आपकी सेनाओंका व्यूह रचा था
ہر گھوڑے کے پیچھے دس تیرانداز، اور ہر تیرانداز کے ساتھ سو ڈھال بردار پیادے مقرر تھے۔ اے بھرت نندن! اس طرح بھیشم نے تمہاری فوج کی صف بندی (ویوہ) قائم کی تھی۔
संजय उवाच