अध्याय ९ — दुर्योधनस्य अन्त्यावस्था, विलापः, तथा सौप्तिक-प्रतिवृत्तम्
Duryodhana’s Final Condition, Lamentation, and the Night’s Report
*राजा दुर्योधन! यदि आप जीवित हों तो यह कानोंको सुख देनेवाली बात सुनें। पाण्डवपक्षमें केवल सात और कौरवपक्षमें सिर्फ हम तीन ही व्यक्ति बच गये हैं ।। ते चैव भ्रातर: पञ्च वासुदेवो5थ सात्यकि: । अहं च कृतवर्मा च कृप: शारद्वतस्तथा,“उधर तो पाँचों भाई पाण्डव, श्रीकृष्ण और सात्यकि बचे हैं और इधर मैं, कृतवर्मा तथा शरद्वानके पुत्र कृपाचार्य शेष रह गये हैं
te caiva bhrātaraḥ pañca vāsudevo 'tha sātyakiḥ | ahaṃ ca kṛtavarmā ca kṛpaḥ śāradvatastathā ||
“ข้าแต่พระราชาทุรโยธนะ! หากท่านยังมีชีวิตอยู่ จงฟังถ้อยคำอันรื่นหูเถิด ฝ่ายปาณฑพเหลือพี่น้องห้าคน วาสุเทวะศรีกฤษณะ และสาตยกี; ส่วนฝ่ายเราเหลือเพียงข้า กฤตวรมะ และกฤปาจารย์ บุตรแห่งศรทวัต—รวมสามคนเท่านั้น”
संजय उवाच