नियोगप्रसङ्गः — The Niyoga Episode: Births of Dhṛtarāṣṭra, Pāṇḍu, and Vidura
अनुग्रहार्थ जगत: सर्वकामदुहां वरा । तां लेभे गां तु धर्मात्मा होमधेनुं स वारुणि:,वह गौ सम्पूर्ण जगतपर अनुग्रह करनेके लिये प्रकट हुई थी तथा समस्त कामनाओंको देनेवालोंमें श्रेष्ठ थी। वरुणपुत्र धर्मात्मा वसिष्ठने उस गौको अपनी होमधेनुके रूपमें प्राप्त किया
โคตัวนั้นอุบัติขึ้นเพื่อเกื้อกูลแก่สรรพโลก และเป็นยอดแห่งผู้ประทานความปรารถนาทั้งปวง บุตรแห่งวรุณ ผู้ทรงธรรมคือวสิษฐะ ได้โคนั้นมาเป็นโฮมธนูของตน
वैशम्पायन उवाच