Sudeva Identifies Damayantī in Cedi (सुदेवेन दमयन्ती-परिचयः)
वनगुल्मांश्व धावन्तो निद्रान्धा बहवो5भवन् | केचिद् दत्तै: करै: केचित् केचित् पद्धयां हता गजै:,उन हाथियोंने सहसा पहुँचकर समूचे दलको कुचल दिया। कितने ही मनुष्य धरतीपर पड़े-पड़े छटपटा रहे थे। उस दलके कितने ही पुरुष हाहाकार करते हुए बचावकी जगह खोजते हुए जंगलके पौधोंके समूहमें भाग गये। बहुत-से मनुष्य तो नींदके मारे अन्धे हो रहे थे। हाथियोंने किन्हींको दाँतोंसे, किन्हींको सूड़ोंसे और कितनोंको पैरोंसे घायल कर दिया
bṛhadaśva uvāca | vanagulmāṃś ca dhāvanto nidrāndhā bahavo 'bhavan | kecid dattaiḥ karaiḥ kecit kecit pādhyāṃ hatā gajaiḥ |
చాలామంది నిద్రచేత అంధులై అడవి పొదల వైపు పరుగెత్తారు. ఏనుగులు కొందరిని దంతాలతో, కొందరిని సుండాలతో, మరికొందరిని పాదాలతో తొక్కి చంపాయి।
बृहदश्चव उवाच