द्रोणपर्व (अध्याय ११२) — कर्णभीमयोर्युद्धम्, दुर्योधनस्य रक्षणादेशः
Droṇa-parva 112: Karṇa–Bhīma Engagement and Duryodhana’s Protective Order
यथा च केशवो नित्यं पाण्डवानां परायणम् | तथा त्वमपि वार्ष्णेय कृष्णतुल्यपराक्रम:,वार्ष्णेय! जैसे भगवान् श्रीकृष्ण सदा पाण्डवोंके परम आश्रय हैं, उसी प्रकार तुम भी हो। तुम्हारा पराक्रम भी श्रीकृष्णके समान ही है
yathā ca keśavo nityaṃ pāṇḍavānāṃ parāyaṇam | tathā tvam api vārṣṇeya kṛṣṇatulyaparākramaḥ ||
ఓ వార్ష్ణేయా! కేశవుడు ఎల్లప్పుడూ పాండవులకు పరమాశ్రయమై ఉన్నట్లే, నీవు కూడా; నీ పరాక్రమం కృష్ణునితో సమానం.
युधिष्ठिर उवाच