ध्वजवर्णनम् | Dhvaja-varṇanam
Description of War Standards
न हासावनृतं कर्तुमलं पार्थो धनंजय: । धर्मपुत्र: कथं राजा भविष्यति मृते$र्जुने,अर्जुन शत्रुओंको जीतकर अपना व्रत पूरा करें। यदि वे कल सिंधुराजको न मार सके तो अग्निमें प्रवेश कर जायँगे। कुन्तीकुमार धनंजय अपनी बात झूठी नहीं कर सकते। यदि अर्जुन मर गये तो धर्मपुत्र युधिष्ठिर कैसे राजा होंगे?
sañjaya uvāca |
na hāsāv anṛtaṃ kartuṃ alam pārtho dhanañjayaḥ |
dharmaputraḥ kathaṃ rājā bhaviṣyati mṛte 'rjune ||
न हासावनृतं कर्तुमलं पार्थो धनंजयः। धर्मपुत्रः कथं राजा भविष्यति मृतेऽर्जुने॥
संजय उवाच