द्रोणपर्व — अध्याय १८: संशप्तकगणयुद्धे अर्जुनस्यास्त्रप्रयोगः
Drona Parva, Chapter 18: Arjuna’s astra-deployment against the Saṃśaptakas
पश्यैतान् देवकीमातर्मुमूर्षूनद्य संयुगे । ्रातृस्त्रैगर्तकानेवं रोदितव्ये प्रहर्षितान्,“देवकीनन्दन! देखिये तो सही, ये त्रिगर्तदेशीय सुशर्मा आदि सब भाई मृत्युके निकट पहुँचे हुए हैं। आज युद्धस्थलमें जहाँ इन्हें रोना चाहिये, वहाँ ये हर्षसे उछल रहे हैं
पश्यैतान् देवकीनन्दन मुमूर्षूनद्य संयुगे। भ्रातॄन् त्रैगर्तकान् एवं रोदितव्ये प्रहर्षितान्॥
संजय उवाच