द्रोणपर्व — अध्याय १८: संशप्तकगणयुद्धे अर्जुनस्यास्त्रप्रयोगः
Drona Parva, Chapter 18: Arjuna’s astra-deployment against the Saṃśaptakas
उस सिंहनादने सम्पूर्ण दिशाओं, विदिशाओं तथा आकाशको व्याप्त कर लिया। इस प्रकार सम्पूर्ण लोक व्याप्त हो जानेसे वहाँ दूसरी कोई प्रतिध्वनि नहीं होती थी ।। सो$तीव सम्प्रहृष्टांस्तानुपलभ्य धनंजय: । किंचिदश्युत्स्मयन् कृष्णमिदं वचनमत्रवीत्,अर्जुनने उन सबको अत्यन्त हर्षमें भरा हुआ देख किंचित् मुसकराते हुए भगवान् श्रीकृष्णसे इस प्रकार कहा--
sa siṃhanādena sampūrṇā diśo vidiśaś ca tathā ākāśaṃ vyāptaṃ babhūva | evaṃ sampūrṇo loko vyāpto bhūtvā tatra dvitīyā kācid pratidhvanir na babhūva || so’tīva samprahṛṣṭāṃs tān upalabhya dhanaṃjayaḥ | kiṃcid acyut-smayan kṛṣṇam idaṃ vacanam abravīt ||
सिंहनादेन तेनैव दिशो विदिशश्च खं तथा व्याप्तम्। एवं लोकं समावृत्य तत्रान्यः प्रतिस्वनो नाभवत्॥ सोऽतीव सम्प्रहृष्टांस्तानुपलभ्य धनञ्जयः। किंचिदश्युत्स्मयन् कृष्णमिदं वचनमब्रवीत्॥
संजय उवाच